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सिक्किम राज्य का स्थापना दिवस और इतिहास

 सिक्किम' शब्द का सर्वमान्य स्रोत लिम्बू भाषा के शब्दों सु अर्थात "नवीन" तथा ख्यिम अर्थात "महल" अथवा "घर" को जोड़कर बना है। तिब्बती भाषा में सिक्किम को "चावल की घाटी" कहा जाता है। ऐतिहासिक भारतीय साहित्य में, सिक्किम को इंद्रकिल , युद्ध के देवता, इंद्र के उद्यान के रूप में जाना जाता है।   सिक्किम सन 1642 में वजूद में आया, जब फुन्त्सोंग नाम्ग्याल को सिक्किम का पहला चोग्याल(राजा) घोषित किया गया। नामग्याल को तीन बौद्ध भिक्षुओं ने राजा घोषित किया था। इस तरीके से सिक्किम में राजतन्त्र का की शुरूआत हुई। जिसके बाद नाम्ग्याल राजवंश ने 333 सालों तक सिक्किम पर राज किया।       सिक्किम को ब्रिटेन से भारत की आजादी से पहले ही स्वायत्ता मिली हुई थी। सिक्किम में राजतंत्र था और वहां के राजा चोग्याल का शासन था। 1947 में जब भारत आजाद हुआ तो भारत के साथ सिक्किम की संधि हुई, जिसके अंतर्गत सिक्किम की रक्षा, संचार और विदेशी मामले भारत की ओर से देखा जाना तय हुआ और सिक्किम की आजादी बरकरार रखी गई। सन 1955 में एक राज्य परिषद् स्थापित की गई जिसके अधीन चोग्याल को एक ...

मणिपुर हिंसा

 दोस्तो 2023 का यह मेरा पहला आर्टिकल है... जो मैं मणिपुर हिंसा के ऊपर आपके लिए लेकर आया हूं। सबसे पहले हम मणिपुर के बारे में कुछ चीजे जानने की कोशिश करते है जैसे की मणिपुर का भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ी है। मणिपुर की राजधानी इंफाल एक मैदानी इलाका है। यानी की हम बोल सकते है की मणिपुर का करीब 90% हिस्सा पहाड़ी और वन आच्छादित और 10%हिस्सा मैदानी है। मणिपुर में मुख्यत मैतै, नागा व कुकी आदि जनजाति निवास करती है। यहाँ के मूल निवासी मैतै जनजाति के लोग हैं, जो यहाँ के मैदानी क्षेत्र इंफाल में रहते हैं। जिनकी जनसंख्या राज्य की करीब 57% है। इनकी भाषा मेइतिलोन है, जिसे मणिपुरी भाषा भी कहते हैं। यह भाषा 1992 में भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ी गई है। जबकि कुकी और नागा जनजाति पर्वतीय क्षेत्रों में रहते है। तथा इनकी जनसंख्या करीब 43% है। हाल ही में मणिपुर हिंसा के कारण चर्चा में है। मणिपुर की राजधानी इम्फाल से दक्षिण में 63 किलोमीटर पर स्थित चुराचंदपुर जिला हिंसा का केंद्र बना हुआ है। आइए जानते है हिंसा का कारण क्या है?       अनुसूचित जनजाति मांग समिति (STDCM) की मांग पर म...

41वां शारजाह अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला

 शारजाह अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला (SIBF) संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला है । इसका पहला संस्करण 1982 में महामहिम डॉ शेख सुल्तान बिन मुहम्मद अल-कासिमी , यूएई सुप्रीम काउंसिल के सदस्य और शारजाह के शासक के मार्गदर्शन और संरक्षण में लॉन्च किया गया      41 वें शारजाह अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले का आयोजन 2-13 नवंबर तक हो रहा है। इसको शारजाह बुक अथॉरिटी (एसबीए) द्वारा आयोजित करवाया जा रहा है। यह 12 दिन तक चलने वाला अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला है। इसका आयोजन एक्सपो सेंटर शारजाह, यूएई में किया जाएगा। यह पुरस्कार विजेता लेखकों, बुद्धिजीवियों के एक तारकीय समूह की मेजबानी करेगा। दुनिया भर के अन्य साहित्यकार इसमें भाग लेंगे। एसआईबीएफ आज दुनिया के शीर्ष प्रकाशन कार्यक्रमों में से एक के रूप में पहचाना जाता है, और यह अरब दुनिया में सबसे बड़ा है।      इस वर्ष की थीम 'स्प्रेड द वर्ड' रखी गई है।  इस पुस्तक मेले में पहली बार दुर्लभ अरबी और इस्लामी पांडुलिपियों का प्रदर्शन किया गया। अरबी दुर्लभ कृतियों में हम पैगंब...

मंकीपॉक्स वायरस

पिछले कुछ दिनों से मंकीपॉक्स वायरस ने यूनाइटेड किंगडम अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों में तबाही मचा ने कारण चर्चा में था अब इस खतरनाक वायरस ने भारत में भी खर बरपाना शुरू कर दिया है। भारत के केरल राज्य में पहला मामला दर्ज हुआ है।इससे पहले यूनाइटेड किंगडम में 6 मई को मंकीपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया गया। भारत में पहला केस आते ही भारत सरकार ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए है जिनमे 21 दिन का आइसोलेशन, 3 लेयर का मास्क पहनना, बार बार हाथ साफ रखना सेनीटाइज करना,घावों को पूरी तरह से ढककर रखना आदि हैं।        मंकीपॉक्स वायरस' ऑर्थोपॉक्सवायरस (Orthopoxvirus) जीनस है जो चेचक पैदा करने वाला वेरियोला वायरस (variola virus) से संबंध रखता है।मंकीपॉक्स एक जूनोसिस (zoonosis) है; जूनोसेस यानी कि एक ऐसी बीमारी जो जानवरों से इंसान में फैलती है। अमेरिका के CDC के अनुसार मंकीपॉक्स की खोज पहली बार 1958 में हुई थी उस समय यह वायरस बंदरों में पाया गया। WHO के अनुसार इंसानों में मंकीपॉक्स का पहला मामला 1970 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में आया।  मंकीपॉक्स वायरस संक्रामक बीमारी है संक्रमण के ...

भारतीय अंटार्कटिका बिल 2022

 हाल ही में संसद में भारतीय अंटार्कटिका बिल2022 पेश किया गया जिससे संसद द्वारा पास कर दिया गया है। यह बिल अंटार्कटिका संधि, अंटार्कटिका समुद्री जीव संसाधन संबंधी कनवेंशन और अंटार्कटिका संधि के लिए पर्यावरणीय संरक्षण पर प्रोटोकॉल को प्रभावी बनाने का प्रयास करेगा।        इस बिल के जरिए केंद्र सरकार एक अंटार्कटिका शासन और पर्यावरणीय संरक्षण समिति बनाएगी जिसके अध्यक्ष पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव होंगे।अंटार्कटिका में भारतीय अभियानों पर अंतरराष्ट्रीय कानून चलता था लेकिन इस बिल के आ जाने के बाद अंटार्कटिका में भारतीय मिशन पर गए लोगों की किसी गलती, अनियमितता, अपराध जैसी चीजों पर भारत की अदालतों में ही फैसला होगा और भारत के ही कानून लागू होंगे। इस बिल के तहत, अंटार्कटिका में खुदाई, ड्रेजिंग, उत्खनन या खनिज संसाधनों के संग्रह पर पूरी तरह से रोक होगी। लेकिन अनुमति लेने के बाद ये चीजें सिर्फ वैज्ञानिक शोध के लिए की जा सकेंगी। इस बिल के अनुसार यहां के पौधों, पशु-पक्षियों और सील मछलियों को किसी तरह का नुकसान पहुंचाना,फायरआर्म्स का इस्तेमाल करने रोक है। अंटार्कटिका पृथ्व...

68वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

 22 जुलाई को 68वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की स्थापना 1954 में हुई थी।पुरस्कारों के चयन के लिए बनायी गयी 10 सदस्यीय समिति के हेड विपुल शाह थे। अन्य सदस्यों में निशिगंधा, एस थंगदुरई, धरम गुलाटी, श्रीलेखा मुखर्जी, जीएस भास्कर, एस कार्तिक, संजीव रतन, वीएन आदित्य, और विजी तंपी शामिल रहे। विजेताओं की सूची निम्न प्रकार है- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: सूराराई पोट्टरु (तमिल) सर्वश्रेष्ठ अभिनेता: अजय देवगन (तान्हाजी), सूर्या (सोराराई पोट्टरु) सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: अपर्णा बालामुरली (सूराराई पोट्टरु) सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: सच्चीदानंद के.आर (ए.के.अयप्पन कोशियम)  सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: बीजू मेनन  सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री: लक्ष्मी प्रिया चंद्रमौली  सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार: टकटक(अनीश मंगेश गोसावी) और सुमी (आकांक्षा पिंगले और दिव्येश इंदुलकर)  सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले: सूराराई पोट्टरु  सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन: अला वैकुंठपुरमलो  सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक: राहुल देशपांडे (एमआई वसंतराव) और अनीश मंगेश गोसावी (टकटक)  सर्...

भारतीय नोटों पर कलाम व टैगोर की फोटो & रुपए की शुरुआत

भारत में रुपया शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम शेरशाह सूरी ने अपने शासनकाल 1540 से 1545 के दौरान किया था।सर्वप्रथम चांदी का सिक्का चलाया इसका वजन 178 ग्रेन (करीबन 11.534 ग्राम) था। उस समय तांबे के सिक्के को दाम और सोने के सिक्के को मोहर कहते थे। शेरशाह सूरी के शासनकाल में चलाया गया रुपया आज तक प्रचलन में है तथा भारत में ब्रिटिश राज के दौरान भी यह प्रचलन में रहा था। पहला करेंसी नोट 1770 में 'बैंक ऑफ हिन्दुस्तान' जो की एक निजी बैंक था सबसे पहले बैंक नोट के रूप में जारी किया था। इसके बाद 1770 से 1935 के बीच कई निजी बैंकों ने बैंक नोट जारी किए थे।             अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन और यूरोपीय संघ के यूरो के बाद रुपया पांचवीं ऐसी मुद्रा है, जिसे उसके प्रतीक-चिह्न् (र्) से पहचाना जाता है। भारत में रुपये (₹) के प्रतीक चिन्ह को वित्त मंत्रालय ने 26 अगस्त 2010 को स्वीकृति दी। डी. उदय कुमार ने इस डिजाइन को बनाया था।         भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1938 में पहली बार 5 रुपये का नोट जारी किया था, जिस पर King George VI की फोटो छपी हुई थ...