मणिपुर हिंसा
दोस्तो 2023 का यह मेरा पहला आर्टिकल है... जो मैं मणिपुर हिंसा के ऊपर आपके लिए लेकर आया हूं।
सबसे पहले हम मणिपुर के बारे में कुछ चीजे जानने की कोशिश करते है जैसे की मणिपुर का भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ी है। मणिपुर की राजधानी इंफाल एक मैदानी इलाका है। यानी की हम बोल सकते है की मणिपुर का करीब 90% हिस्सा पहाड़ी और वन आच्छादित और 10%हिस्सा मैदानी है। मणिपुर में मुख्यत मैतै, नागा व कुकी आदि जनजाति निवास करती है। यहाँ के मूल निवासी मैतै जनजाति के लोग हैं, जो यहाँ के मैदानी क्षेत्र इंफाल में रहते हैं। जिनकी जनसंख्या राज्य की करीब 57% है। इनकी भाषा मेइतिलोन है, जिसे मणिपुरी भाषा भी कहते हैं। यह भाषा 1992 में भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में जोड़ी गई है। जबकि कुकी और नागा जनजाति पर्वतीय क्षेत्रों में रहते है। तथा इनकी जनसंख्या करीब 43% है।
हाल ही में मणिपुर हिंसा के कारण चर्चा में है। मणिपुर की राजधानी इम्फाल से दक्षिण में 63 किलोमीटर पर स्थित चुराचंदपुर जिला हिंसा का केंद्र बना हुआ है।
आइए जानते है हिंसा का कारण क्या है?
अनुसूचित जनजाति मांग समिति (STDCM) की मांग पर मणिपुर की हाई कोर्ट ने मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने को कहा है। मणिपुर में मैतेई समुदाय बहुसंख्यक वर्ग में आता है। जिसका कुकी और नागा समुदाय के लोग विरोध कर रहे हैं। कुकी और नागा समुदायों के पास आजादी के बाद से ही आदिवासी का दर्जा है। कुकी और नागा समुदाय का कहना है कि मैतेई समुदाय तो बहुसंख्यक समुदाय है उसे ये दर्जा कैसे दिया जा सकता है। हिंसा की दूसरी वजह यह भी है की राज्य की बीजेपी सरकार आरक्षित वन क्षेत्र खाली करवा रही है। आदिवासी ग्रामीणों से आरक्षित वन क्षेत्र खाली करवाया जा रहा है। और कुकी समुदाय सरकार के इस सर्वेक्षण और अभियान का विरोध कर रहा है।
मैतेई समुदाय के अनुसार उन लोगों को 10% भूभाग ही दिया गया है जबकि उनकी जनसंख्या बहुताय में है। उन्हें भी थोड़ा ओर भूभाग रहने को दिया जाए। मणिपुर में नागा, जोमी, कुकी और अन्य जनजातियां, राज्य की कुल आबादी का आधा हिस्सा हैं और ये राज्य के करीब 90% भूभाग पर निवास करती है।
ऑल-ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (ATSUM) ने मैतेई समुदाय को राज्य की अनुसूचित जनजातियों (ST) की सूची में शामिल करने की मांग का विरोध करने के लिये 'आदिवासी एकजुटता मार्च' निकाला और इसने हिंसा का रूप ले लिया।
मणिपुर राज्य से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी...
मणिपुर का शाब्दिक अर्थ ‘आभूषणों की भूमि’ है। मणिपुर को देश की 'ऑर्किड बास्केट' भी कहा जाता है। यहाँ ऑर्किड पुष्प की 500 प्रजातियां पाई जाती हैं। मणिपुर की शिरोइ पहाड़ियों में एक विशेष प्रकार का पुष्प शिरोइ लिली पाया जाता है। शिरोइ लिली का यह फूल पूरे विश्व में केवल मणिपुर में ही पैदा होता है। मणिपुर के वर्तमान मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह है और राज्यपाल एल ए गणेशन है
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