मंकीपॉक्स वायरस
पिछले कुछ दिनों से मंकीपॉक्स वायरस ने यूनाइटेड किंगडम अमेरिका और यूरोप के कई हिस्सों में तबाही मचा ने कारण चर्चा में था अब इस खतरनाक वायरस ने भारत में भी खर बरपाना शुरू कर दिया है। भारत के केरल राज्य में पहला मामला दर्ज हुआ है।इससे पहले यूनाइटेड किंगडम में 6 मई को मंकीपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया गया।
भारत में पहला केस आते ही भारत सरकार ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए है जिनमे 21 दिन का आइसोलेशन, 3 लेयर का मास्क पहनना, बार बार हाथ साफ रखना सेनीटाइज करना,घावों को पूरी तरह से ढककर रखना आदि हैं।
मंकीपॉक्स वायरस' ऑर्थोपॉक्सवायरस (Orthopoxvirus) जीनस है जो चेचक पैदा करने वाला वेरियोला वायरस (variola virus) से संबंध रखता है।मंकीपॉक्स एक जूनोसिस (zoonosis) है; जूनोसेस यानी कि एक ऐसी बीमारी जो जानवरों से इंसान में फैलती है।
अमेरिका के CDC के अनुसार मंकीपॉक्स की खोज पहली बार 1958 में हुई थी उस समय यह वायरस बंदरों में पाया गया। WHO के अनुसार इंसानों में मंकीपॉक्स का पहला मामला 1970 में कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में आया।
मंकीपॉक्स वायरस संक्रामक बीमारी है संक्रमण के बाद चेहरे, हाथों व बाहों में लाल दाने नजर आते हैं एक-दो दिन में इनमे मवाद भी भर जाती है। यूके हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी के अनुसार इस वायरस से बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीठ दर्द, लिम्फ नोड्स में सूजन, ठंड लगना और थकावट आदि भी हो सकता है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार इस बीमारी के अक्सर फ्लू जैसे लक्षण दिखते है इससे पहले चेहरे और शरीर पर चिकन पॉक्स(चेचक) जैसे दाने हो जाते हैं।
मंकीपॉक्स वायरस संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में आने से, बंदर, कुत्ते, गिलहरी, चूहे ही से भी फैल सकता है।दूषित चीजों जैसे बिस्तर और कपड़ों के संपर्क में आने से भी फैलता है। यह वायरस टूटी हुई त्वचा, श्वसन पथ या आंख, नाक या मुंह के माध्यम से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है। इस वायरस के लक्षण 5 से 21 दिनों के अंदर दिखने लगते हैं। WHO के अनुसार मंकीपॉक्स का कोई सटीक इलाज मौजूद नहीं है मुंह पर फेसमास्क, साफ सफाई का ध्यान रखकर संक्रमण से बचा जा सकता है। एंटीबायोटिक लेने से संक्रमित 1 सप्ताह में ठीक हो सकता है लेकिन कुछ लोगों में यह बीमारी बहुत गंभीर और जानलेवा भी हो सकती है अगर कोई व्यक्ति संक्रमित है तो उसके संपर्क में नहीं आए।
चेचक का टीकाकरण मंकीपॉक्स को रोकने में 85 प्रतिशत प्रभावी साबित हुआ है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एसोसिएशन (FDA) ने 2019 में जीनियोस नाम की वैक्सीन को मंजूरी दी थी इससे पहले यूरोपिय मेडीसिन एजेंसी ने 2013 में ही मंजूरी दे दी थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 75 देशों कई क्षेत्रों में 16,000 से अधिक मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) के मामले सामने आए हैं
दुनिया में कोरोना के प्रतिबंध खत्म होने के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो गई है जिसके कारण आवाजाही बढ़ गई है। जिससे यह वायरस फैल रहा है
सतर्क रहें सावधान रहें
बचाव ही इलाज!!!
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