सिक्किम राज्य का स्थापना दिवस और इतिहास
सिक्किम' शब्द का सर्वमान्य स्रोत लिम्बू भाषा के शब्दों सु अर्थात "नवीन" तथा ख्यिम अर्थात "महल" अथवा "घर" को जोड़कर बना है। तिब्बती भाषा में सिक्किम को "चावल की घाटी" कहा जाता है। ऐतिहासिक भारतीय साहित्य में, सिक्किम को इंद्रकिल , युद्ध के देवता, इंद्र के उद्यान के रूप में जाना जाता है। सिक्किम सन 1642 में वजूद में आया, जब फुन्त्सोंग नाम्ग्याल को सिक्किम का पहला चोग्याल(राजा) घोषित किया गया। नामग्याल को तीन बौद्ध भिक्षुओं ने राजा घोषित किया था। इस तरीके से सिक्किम में राजतन्त्र का की शुरूआत हुई। जिसके बाद नाम्ग्याल राजवंश ने 333 सालों तक सिक्किम पर राज किया। सिक्किम को ब्रिटेन से भारत की आजादी से पहले ही स्वायत्ता मिली हुई थी। सिक्किम में राजतंत्र था और वहां के राजा चोग्याल का शासन था। 1947 में जब भारत आजाद हुआ तो भारत के साथ सिक्किम की संधि हुई, जिसके अंतर्गत सिक्किम की रक्षा, संचार और विदेशी मामले भारत की ओर से देखा जाना तय हुआ और सिक्किम की आजादी बरकरार रखी गई। सन 1955 में एक राज्य परिषद् स्थापित की गई जिसके अधीन चोग्याल को एक ...