संविधान निर्माण (संविधान दिवस स्पेशल)

 भारत में संविधान सभा के गठन का विचार सबसे पहले 1934 में MN roy ने रखा। 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से पंडित जवाहरलाल नेहरू ने घोषणा की की स्वतंत्र भारत के संविधान का निर्माण वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनी गई संविधान सभा द्वारा किया जाएगा। नेहरू की इस मांग को ब्रिटिश सरकार ने स्वीकार कर लिया इसे सन 1940 के अगस्त प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है। संविधान सभा के लिए चुनाव जुलाई अगस्त 1946 में हुआ इस चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 208 मुस्लिम लीग को 73 तथा छोटे समूह व स्वतंत्र सदस्यों को 15 सीटें मिली। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई। डॉ राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष निर्वाचित हुए। 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने सभा में ऐतिहासिक उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को 22 जनवरी 1946 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।

          संविधान सभा एक विधायिका भी थी दूसरे शब्दों में कहा जाए तो सभा को दो अलग-अलग काम सौंप गए थे इनमें एक था स्वतंत्र भारत के लिए संविधान बनाना और दूसरा था देश के लिए आम कानून लागू करना इस प्रकार संविधान सभा स्वतंत्र भारत की पहली संसद बनी। जब संसद की बैठक होती तो अध्यक्षता जी वी मावलंकर करते थे।

          संविधान निर्माता ने लगभग 60 देशो के संविधानों का अवलोकन किया और इसके प्रारूप पर 114 दिनों तक विचार हुआ। संविधान के निर्माण पर कुल 64 लाख रुपए का खर्चा आया। संविधान सभा ने संविधान के निर्माण के लिए 8 बड़ी समितियां व अन्य छोटी समितियां बनाई थी। सबसे बड़ी व महत्वपूर्ण समिति प्रारूप समिति थी जिसका गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ था यह वह समिति थी जिसे नए संविधान का प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी सौंप गई थी इसके अध्यक्ष डॉ भीमराव अंबेडकर थे। डॉ भीमराव अंबेडकर ने सभा में 4 नवंबर 1948 को संविधान का अंतिम प्रारूप पेश किया इस बार संविधान पहली बार पढ़ा गया था।

     इस प्रकार 2 साल 11 माह और 18 दिनों में यानी की 26 नवंबर 1949 को संविधान बनकर तैयार हो गया। लेकिन इसे 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू किया गया था

संविधान में प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद 8 अनुसूचियां थी।


26 जनवरी, 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश को पूर्ण स्वराज घोषित किया था. इस दिन को यादगार बनाने के लिए ही संविधान को 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया।

 26 नवंबर को संविधान दिवस 2015 से मनाया जा रहा है।

अन्य महत्वपूर्ण तथ्य 

22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज को अपनाया गया और 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत को भी अपनाया गया।

संविधान सभा द्वारा हाथी को प्रतीक यानी मुहर के रूप में अपनाया गया था। 

प्रेम बिहारी नारायण राय ज्यादा भारतीय संविधान के प्रमुख सुलेखक यानी की कैलोग्राफर थे।

मूल संस्करण का सौंदर्यकरण और सजावट शांतिनिकेतन के कलाकारों ने किया जिनमें नंदलाल बोस और बिउहर राममनोहर सिन्हा का शामिल थे

मूल संविधान की हिंदी संस्करण का सुलेखन बसंत कृष्णा वैद्य द्वारा गया।

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