मिताली राज (Indian woman cricket team captain)

 3 जनवरी 1982 को राजस्थान के जोधपुर शहर में धीरजराज के घर में एक लडकी का जन्म हुआ । धीरज जी इंडियन एयरफोर्स में थे और वहां से रिटायर्ड होने के बाद एक बैंक में जॉब करने लग गए... इस बीच उनके बच्चे भी बड़े होने लग गए उनके एक लड़का भी था जिसे क्रिकेट खेलने का शौक था। और लड़की भरतनाट्यम नृत्य सीख रही थी। नृत्य पर अपना ध्यान नही देने और आलस्य करने के कारण धीरज जी ने उसको भी भाई के साथ क्रिकेट अकादमी में भेज दिया।। लड़की का क्रिकेट में अब ज्यादा मन लगने लगा था उसने अपने नृत्य पर ध्यान देना कम कर दिया और एक दिन ऐसा आया की उसको नृत्य और क्रिकेट में से किसी एक को चुनना था ... तो उसने क्रिकेट को चुना और कठिन परिश्रम करने लगी।।। एक दिन उसे खेलते हुए क्रिकेटर ज्योति प्रसाद ने नोटिस किया और कहा कि वह क्रिकेट की अच्छी खिलाड़ी बनेगी।माता-पिता ने भी उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया .... 

मां पापा के प्रोत्साहन और अपनी मेहनत से एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में 1999 में पहली बार भाग लिया। यह मैच मिल्टन कीनेस, आयरलैंड में हुआ था जिसमें उसने नाबाद 114 रन बनाए और स्टेडियम में चारो और एक ही नाम था "मिताली...! मिताली...! मिताली राज...!"

जनवरी 2002 मै उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया पहले मैच में ही वो जीरो रन बनाकर लौट आई वो बहुत निराश हुए लेकिन उन्होंने और कड़ी मेहनत की.. और इंग्लैंड के खिलाफ ही उन्होंने 214 रन बनाकर अपने आप को एक बार फिर साबित कर दिया। अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में आज तक का सर्वाधिक स्कोर 214 रन बना कर कीर्तिमान स्थापित किया।

मिताली अभी यही नही रुकी उन्हें इस कारनामे के लिए 21 सितम्बर, 2004 को 'अर्जुन पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। मिताली को 2005 में महिला क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया और महिला विश्व कप 2005' में भारतीय महिला टीम की कप्तानी की। जुलाई 2006 में भारतीय टीम का इंग्लैंड दौरा हुआ इसमें भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 1-0 से हराया.. मिताली के नेतृत्व में भारतीय टीम ने उसी की जमीन पर इंग्लैंड को मात दी...जिससे एक बार फिर मिताली की खूब प्रशंसा हुई मिताली ने 2010 व 2011 में आईसीसी वर्ल्ड रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

मिताली को 2015 में पदम् श्री व "Wisden Indian cricketer of the Year” का ख़िताब मिला। जो की प्राप्त करने वाली पहली भारतीय महिला बनी!!!

जून 2018 में, मिताली राज T 20 अंतर्राष्ट्रीय मैच में 2000 रन बनाने वाली पहली भारतीय बल्लेबाज बनी।मिताली राज महिला एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में 6,000 रनों को पार करने वाली एकमात्र महिला क्रिकेटर हैं। मिताली को 2021 में खेलों के सबसे बड़े अवॉर्ड राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड जिसका नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड कर दिया है मिला था

मिताली राज पहली महिला भारतीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने छह वनडे विश्व कप खेले हैं। उनसे पहले भारत के सचिन तेंदुलकर ने यह कारनामा किया था

वर्तमान में भारतीय महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप खेलने न्यूजीलैंड गई हुई है जिसकी भी कप्तानी मिताली राज कर रही है अब देखना होगा कि इस बार मिताली राज व भारतीय क्रिकेट टीम क्या नया कारनामा करके दिखाती है।।। क्या भारतीय महिला क्रिकेट टीम इस बार वर्ल्ड कप अपने नाम कर पाएगी या नहीं

लेकिन अफसोस की बात है कि इस महान खिलाड़ी को शायद ही कुछ लोग जानते हो


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