Dron rules

 ड्रोन मिसयूज का उदाहरण हमने अभी जम्मू एयरफोर्स स्टेशन में हुए ड्रोन हमले को देखा है। ड्रोन का यूज फोटोग्राफी और सामान को डिलीवर करने में किया जाता है 

कुछ दिनों पहले तेलगाना राज्य ने फ्लिपकार्ड से मेडिसिन फ्रॉम द स्काई' प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन से मेडिकल सामानों की डिलीवरी करने के लिए सरकार के साथ साझेदारी की है। इससे दूर दराज के क्षेत्रों में वैक्सीन, दवाई और भी कई जरूरी सामान पहुंचाने में मदद मिलेगी।।।

ड्रोन उड़ाने के लिए भारत सरकार ने एक नई गाइडलाइन जारी की है यह गाइडलाइन unmanned Aircraft system rules 2021 इसको सिविल एविएशन मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है

ड्रोन को तीन कैटेगरी में डाला गया है 

पहला नैनो ड्रोन इसमें 250ग्राम से कम वजन वाले ड्रोन आते है इन को उड़ाने के लिए नई गाइडलाइन के अनुसार किसी भी लाइसेंस की जरूरत नहीं है तथा इसे 15 मीटर की ऊंचाई तक उड़ा सकते हैं

दूसरा माइक्रो और स्मॉल ड्रोन.... इसका वजन 2 किलो से 25 किलो तक होता है तथा 120 मीटर की ऊंचाई तक उड़ा सकते हैं इसको उड़ाने के लिए UAOP-1 (Unmanned Aircraft Operator Permit-1) की परमिशन की जरूरत होती है

तीसरा मीडियम और लार्ज ड्रोन.... इसका वजन 25 से 150 किलो तक होता है तथा उड़ाने के लिए UAOP-2 (Unmanned Aircraft Operator Permit-2) से परमिट लेना जरूरी है

DCGA(Directorate General of Civil Aviation) के अनुसार ड्रोन को क्लोज्ड स्पेस में नहीं उड़ाया जा सकता....उड़ाने के लिए एयर ट्रेफिक और एयर डिफेंस कंट्रोल की परमिशन लेना जरूरी है

ड्रोन उड़ाने के लिए दो तरह के लाइसेंस बनते हैं पहला स्टूडेंट रिमोट पायलट लाइसेंस तथा दूसरा रिमोट पायलट लाइसेंस

अगर बिना परमिट के कोई ड्रोन उड़ाता है तो उसे 50000 तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है

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